युग युग से भारत महान है क्यों की हम भारतीय ऐसे ऐसे कारनामे किये हैं जो सारा दुनिया सदिओं तक ढूंढ़ता रहेगा। भारत ने पुरे दुनिया को शिक्षा, स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता, विज्ञान, अंतरिक्ष के बारे में ज्ञान प्रदान करता आया है जिसके लिए हर एक भारतीय आपने भारतीय होने पर गर्व करता है। ऐसे ही अंतरिक्ष के दुनियां में भारत के कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद अब एक और भारत की बेटी अंतरिक्ष की सैर करने वाली है इनका नाम है सिरिशा बांदला। इसके साथ फिर से हम भारतय एक नया इतिहास लिखने जा रही है। आइए उस बहादुर भारत की बेटी "सिरिशा बांदला" के बारे विस्तार रूप से जानते है।
कौन है सिरिशा बांदला
सिरिशा बांदला का जन्म भारत के आंध्र प्रदेश में गुंटूर जिले में हुआ था और वह टेक्सास के ह्यूसटन में पली बढ़ी है। सिरिशा बांदला का परिवार फिलहाल अमेरिका में ही रहता है। 34 साल की सिरिशा एक एरोनॉटिकल इंजीनियर है।सिरिशा के मुताबिक उनको पहले से ही एयरफोर्स में भर्ती होकर पायलट बनने का शौक था। लेकिन आँख में कुछ समस्या होने के चलते उनका ये सपना अधूरा ही रह गया। सिरिशा ने पर्ड्यू विश्वविद्यालय से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है और उसके बाद जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली। सिरिशा ने बचपन से ही अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती थीं। सिरिशा के पिता डॉक्टर मुरलीधर एक वैज्ञानिक और अमेरिकी सरकार में सीनियर एग्जीक्यूटिव सर्विसेज के सदस्य हैं. उनके दादा बांदला रगहिया एक कृषि विज्ञानी हैं उन्होंने अपनी पोती सिरिशा की इस उपलब्धि पर कहा है, ‘मैंने हमेशा उसमें कुछ बड़ा हासिल करने का उत्साह देखा है और आखिरकार वो अपना सपना पूरा करने जा रही है. मुझे विश्वास है कि वह इस मिशन में सफलता हासिल करेगी और पूरे देश को गर्व महसूस कराएगी.’
अंतरिक्ष को यात्रा करने का सफर
रिचर्ड ब्रैनसन की स्पेस कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक के अंतरिक्ष यान वर्जिन ऑर्बिट में बैठकर 11 जुलाई को न्यू मैक्सिको से अंतरिक्ष की सैर पर जाएंगी।रिचर्ड ब्रैनसन ने उनके समेत छह लोगों की टीम में दो महिलाएं और चार पुरुष भी शामिल हैं जिसका हिस्सा सिरिशा भी है। अंतरिक्ष में सिरिशा का काम रिसर्च से संबंधित होगा। इस समय सिरिशा वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी के गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस की उपाध्यक्ष भी हैं।
कितना खुस है सिरिशा
सिरिशा ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा है, ‘मुझे यूनिटी22 क्रू और उस कंपनी का हिस्सा होने पर सम्मानित महसूस हो रहा है, जिसका मिशन सभी के लिए अंतरिक्ष को सुगम बनाना है और मैं इस मिशन के लिए उत्साहित हूं’
पूरे देश को गर्व है
कल्पना चावला के बाद सिरिशा दूसरी ऐसी भारत में जन्मी महिला हैं जो अंतरिक्ष में कदम रखने जा रही हैं।विश्व में अंतरिक्ष यात्रा करने वाली वे चौथी भारतीय होंगी । भारत की ओर से राकेश शर्मा सबसे पहले अंतरिक्ष में गए थे।देश और बिदेश से सभी भारतीय और उनके प्रशंसक सिरिशा के इस सफलता और इस अंतरिक्ष यात्रा के लिए सराहना कर रहे हैं.
आशा करते है कि आपको सिरिशा बांदला के बारे में जानकर एक भारतीय के नाते बहत गर्व महसूस होआ होगा ।अगर आपको "सिरिशा बांदला" की कहानी पसन्द आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें
धन्यवाद🙏।



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